पागल थे नाथूराम गोडसे।
क्यूंकि उसने उस गाँधी को मारा
जिस गाँधी ने भगतसिंह की फांसी पर कोई
विरोध प्रकट नहीं किया.....
जिस गाँधी ने जलियांवाला हत्याकांड के
दोषी जनरल डायर की सजा के लिए कोई
भी आन्दोलन नहीं किया.....
जिस गाँधी ने अपने चहेते नेहरु
को प्रधानमंत्री बनाने के लिए देश के 2 बटवारे
करा दिए......
जिस गाँधी के 5 संतान होते हुए भी कई अवैध
सम्बन्ध थे......
जिस गाँधी भारतीयों की सशत्रक्रांति मे
तो हिंसा दिखती थी मगर अंग्रेजो के दमन चक्र मे
अहिंसा....
जो गाँधी 50 साल की उम्र मे 18 साल
की लड़की से
शादी करना चाहता था जिसका खुलासा खुद
गाँधी के पुत्र ने किया.....
ऐसे संत और महान देशभक्त को मारना देश से
गद्दारी नहीं तो क्या है.....
पागल था गोडसे जो भारतका विस्तार सिन्धु
नदी तक चाहता था !
और लोग भी तो जी रहे थे.जी लेता तो आज तक
मरने के बाद भी अपमानित नहीं होता. हर साल
लोगो के अपशब्द नहीं सुनता.
अरे इस देश मे नेताजी बोस जैसो की कोई खैर-खबर
नहीं लेता. तो तुम क्या चीज हो-
जो देशवासी और कांग्रेसी सुखदेव, भगत सिंह और
राजगुरु को आंतकी कहते है वो तुम्हे क्या समझते है
समझ लेना!
ये देश जैसा था वैसा ही है और ऐसा ही रहेगा.
क्युकी यहाँ जागे हुए लोग कम है. और जिन्दा मुर्दे
भरे पड़े है ...! जिन्दा मुर्दे..!
क्यूंकि उसने उस गाँधी को मारा
जिस गाँधी ने भगतसिंह की फांसी पर कोई
विरोध प्रकट नहीं किया.....
जिस गाँधी ने जलियांवाला हत्याकांड के
दोषी जनरल डायर की सजा के लिए कोई
भी आन्दोलन नहीं किया.....
जिस गाँधी ने अपने चहेते नेहरु
को प्रधानमंत्री बनाने के लिए देश के 2 बटवारे
करा दिए......
जिस गाँधी के 5 संतान होते हुए भी कई अवैध
सम्बन्ध थे......
जिस गाँधी भारतीयों की सशत्रक्रांति मे
तो हिंसा दिखती थी मगर अंग्रेजो के दमन चक्र मे
अहिंसा....
जो गाँधी 50 साल की उम्र मे 18 साल
की लड़की से
शादी करना चाहता था जिसका खुलासा खुद
गाँधी के पुत्र ने किया.....
ऐसे संत और महान देशभक्त को मारना देश से
गद्दारी नहीं तो क्या है.....
पागल था गोडसे जो भारतका विस्तार सिन्धु
नदी तक चाहता था !
और लोग भी तो जी रहे थे.जी लेता तो आज तक
मरने के बाद भी अपमानित नहीं होता. हर साल
लोगो के अपशब्द नहीं सुनता.
अरे इस देश मे नेताजी बोस जैसो की कोई खैर-खबर
नहीं लेता. तो तुम क्या चीज हो-
जो देशवासी और कांग्रेसी सुखदेव, भगत सिंह और
राजगुरु को आंतकी कहते है वो तुम्हे क्या समझते है
समझ लेना!
ये देश जैसा था वैसा ही है और ऐसा ही रहेगा.
क्युकी यहाँ जागे हुए लोग कम है. और जिन्दा मुर्दे
भरे पड़े है ...! जिन्दा मुर्दे..!
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