Monday, February 10, 2014

कैसा था चक्र व्यूह?

कैसा था चक्र व्यूह? इस लेख में महाभारत युद्ध के विभिन्न व्यूह को दर्शया गया है|

●●● वज्र व्यूह ●●● महाभारत युद्ध के प्रथम दिन अर्जुन ने अपनी सेना को इस व्यूह के आकार में सजाया था... इसका आकार देखने में इन्द्रदेव के वज्र जैसा होता था अतः इस प्रकार के व्यूह को "वज्र व्यूह" कहते हैं!

●●●क्रौंच व्यूह ●●●
क्रौंच एक पक्षी होता है... जिसे आधुनिक अंग्रेजी भाषा में Demoiselle Crane कहते हैं... ये सारस की एक प्रजाति है...इस व्यूह का आकार इसी पक्षी की तरह होता है... युद्ध के दूसरे दिन युधिष्ठिर ने पांचाल पुत्र को इसी क्रौंच व्यूह से पांडव सेना सजाने का सुझाव दिया था... राजा द्रुपद इस पक्षी के सर की तरफ थे, तथा कुन्तीभोज इसकीआँखों के स्थान पर थे... आर्य सात्यकि की सेना इसकी गर्दन के स्थान परथे... भीम तथा पांचाल पुत्र इसके पंखो (Wings) के स्थान पर थे... द्रोपदी के पांचो पुत्र तथा आर्य सात्यकि इसके पंखो की सुरक्षा में तैनात थे...इस तरह से हम देख सकते है की, ये व्यूह बहुत ताकतवर एवं असरदार था... पितामह भीष्म ने स्वयं इस व्यूह से अपनी कौरव सेना सजाई थी... भूरिश्रवा तथा शल्य इसके पंखो की सुरक्षा कर रहे थे... सोमदत्त, अश्वत्थामा, कृपाचार्य और कृतवर्मा इस पक्षी के विभिन्न अंगों का दायित्व संभाल रहे थे...

●●●अर्धचन्द्र व्यूह ●●●
इसकी रचना अर्जुन ने कौरवों के गरुड़ व्यूह के प्रत्युत्तर में की थी... पांचाल पुत्र ने इस व्यूह को बनाने में अर्जुन की सहायता की थी ... इसके दाहिने तरफ भीम थे... इसकी उर्ध्व दिशा में द्रुपद तथा विराट नरेश की सेनाएं थी... उनके ठीकआगे पांचाल पुत्र, नील, धृष्टकेतु, और शिखंडी थे... युधिष्ठिर इसके मध्य में थे... सात्यकि, द्रौपदी के पांच पुत्र,अभिमन्यु, घटोत्कच, कोकय बंधु इस व्यूह के बायीं ओर थे... तथा इसके अग्र भाग पर अर्जुन स्वयं सच्चिदानंद स्वरुप भगवन श्रीकृष्ण के साथ थे!

●●●मंडल व्यूह●●●
भीष्म पितामह ने युद्ध के सांतवे दिन कौरव सेना को इसी मंडल व्यूहद्वारा सजाया था... इसका गठन परिपत्र रूप में होता था... ये बेहद कठिन व्यूहों में से एक था... पर फिर भी पांडवों ने इसे वज्र व्यूह द्वारा भेद दिया था... इसके प्रत्युत्तर में भीष्म ने "औरमी व्यूह" की रचना की थी... इसका तात्पर्य होता है समुद्र... ये समुद्र की लहरों के समान प्रतीत होता था... फिर इसके प्रत्युत्तर में अर्जुन ने "श्रीन्गातका व्यूह" की रचना की थी... ये व्यूह एक भवन के समान दिखता था...

●●●चक्रव्यूह●●●
इसके बारे में सभी ने सुना है... इसकी रचना गुरु द्रोणाचार्य ने युद्ध के तेरहवें दिन की थी... दुर्योधन इस चक्रव्यूह के बिलकुल मध्य (Centre) में था... बाकि सात महारथी इस व्यूह की विभिन्न परतों (layers) में थे... इस व्यूह के द्वार पर जयद्रथ था... सिर्फ अभिमन्यु ही इस व्यूह को भेदने में सफल हो पाया... पर वो अंतिम द्वार को पार नहीं कर सका... तथा बाद में ७ महारथियों द्वारा उसकी हत्या कर दी गयी.

●●●चक्रशकट व्यूह ●●●
अभिमन्यु की हत्या के पश्चात जब अर्जुन, जयद्रथ के प्राण लेने को उद्धत हुए, तब गुरु द्रोणाचार्य ने जयद्रथ की रक्षा के लिए युद्ध के चौदहवें दिन इस व्यूह की रचना की थी!! via #Samvaad
— with Ajay Rajput and 11 others.

Sunday, February 9, 2014

The 7 Habits of Happy People


Friends, खुश रहना मनुष्य का जन्मजात स्वाभाव होता है . आखिर एक छोटा बच्चा अक्सर खुश क्यों रहता है ? क्यों हम कहते हैं कि childhood days life के best days होते हैं ? क्योंकि हम पैदाईशी HAPPY होते हैं ; पर जैसे -जैसे हम बड़े होते हैं हमारा environment, हमरा समाज हमारे अन्दर impurity घोलना शुरू कर देता है ….और धीरे -धीरे impurity का level इतना बढ़ जाता है कि happiness का natural state sadness के natural state में बदलने लगता है .

पर ऐसा सबके साथ नहीं होता है दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपनी Happy रहने की natural state को बचाए रख पाते हैं और Life-time खुशहाल रहते हैं .

तो क्या ऐसे व्यक्ति हमेशा खुश रहते हैं ? नहीं , औरों की तरह उनके जीवन में भी दुःख-सुख का आना जाना लगा रहता है , पर आम तौर पर ऐसे व्यक्ति व्यर्थ की चिंता में नहीं पड़ते और अक्सर हँसते -मुस्कुराते और खुश रहते हैं .

तो सवाल ये उठता है कि जब ये लोग खुश रह सकते हैं तो बाकी सब क्यों नहीं ?आखिर उनकी ऐसी कौन सी आदतें हैं जो उन्हें दुनिया भर की टेंशन के बीच भी खुशहाल बनाये रखती हैं ? आज इस लेख के जरिये मैं आपके साथ खुशहाल लोगों की 7 आदतें share करने जा रहा हूँ जो शायद आपको भी खुश रहने में मदद करें .तो आइये जानते हैं उन सात आदतों को :

Habit 1: खुश रहने वाले अच्छाई खोजते हैं बुराई नहीं :

Human beings की natural tendency होती है कि वो negativity को जल्दी catch करते हैं . Psychologists इस tendency को “Negativity bias” कहते हैं . अधिकतर लोग दूसरों में जो कमी होती है उसे जल्दी देख लेते हैं और अच्छाई की तरफ उतना ध्यान नहीं देते पर खुश रहने वाले तो हर एक चीज में , हर एक situation में अच्छाई खोजते हैं , वो ये मानते हैं कि जो होता है अच्छा होता है . किसी भी व्यक्ति में अच्छाई देखना बहुत आसान है ,बस आपको खुद से एक प्रश्न करना है , कि , “ आखिर क्यों यह व्यक्ति अच्छा है ?” , और यकीन जानिये आपका मस्तिष्क आपको ऐसी कई अनुभव और बातें गिना देगा की आप उस व्यक्ति में अच्छाई दिखने लगेगी .

एक बात और , आपको अच्छाई सिर्फ लोगों में ही नहीं खोजनी है , बल्कि हर एक situation में आपको positive रहना है और उसमे क्या अच्छा है ये देखना है . For example , अगर आप किसी job interview में select नहीं हुए तो आपको ये सोचना चाहिए कि शायद भागवान ने आपके लिए उससे भी अच्छी job रखी है जो आपको देर-सबेर मिलेगी, और आप किसी अनुभवी व्यक्ति से पूछ भी सकते हैं, वो भी आपको यही बताएगा .

Habit 2: खुश रहने वाले माफ़ करना जानते हैं और माफ़ी माँगना भी :

हर किसी का अपना -अपना ego होता है , जो जाने -अनजाने औरों द्वारा hurt हो सकता है . पर खुश रहने वाले छोटी -मोती बातों को दिल से नहीं लगाते वो माफ़ करना जानते हैं , सिर्फ दूसरों को नहीं बल्कि खुद को भी .

और इसके उलट यदि ऐसे लोगों से कोई गलती हो जाती है , तो वो माफ़ी मांगने से भी नहीं कतराते . वो जानते हैं कि व्यर्थ का ego उनकी life को complex बनाएगा इसलिए वो “Sorry” बोलने में कभी कंजूसी नहीं करते . मुझसे भी जब गलती होती है तो मैं कभी उसे सही ठहराने की कोशिश नहीं करता और उसे स्वीकार कर के क्षमा मांग लेता हूँ .

माफ़ करना और माफ़ी माँगना आपके दिमाग को हल्का करता है , आपको बेकार की उलझन और परेशान करने वाली thoughts से बचाता है , और as a result आप खुश रहते हैं . शिखा जी द्वारा लिखा गया एक बेहेतरीन लेख “क्षमा करना क्यों है ज़रूरी ?” मैं आपके साथ पहले ही share कर चुका हूँ . यह लेख forgiveness के बारे में आपकी समझ को बेहतर बना सकता है , इसे ज़रूर पढ़ें .

Habit 3: खुश रहने वाले लोग अपने चारो तरफ एक strong support system develop करते हैं :

ये support system दो pillars पे टिका होता है Family and Friends( F&F). ज़िन्दगी में खुश रहने के लिए F&F का बहुत बड़ा योगदान होता है . भले आपके पास दुनिया भर की दौलत हो , शोहरत हो लेकिन अगर F&F नहीं है तो आप ज्यादा समय तक खुश नहीं रह पायेंगे .

हो सकता है ये आपको बड़ी obvious सी बात लगे , ये लगे की आपके पास भी बड़े अच्छे दोस्त हैं और बहुत प्यार करने वाला परिवार है , लेकिन इस पर थोडा गंभीरता से सोचिये . आपके पास ऐसे कितने friends हैं , जिन्हें आप बिना किसी झिझक के रात के 3 बजे भी phone कर के उठा सकें या कभी भी financial help ले सकें?

Family and friends को कभी भी for granted नहीं लेना चाहिए , एक strong relationship बनाने के लिए आपको अपने हितों से ऊपर उठ कर देखना होता है . , दूसरे की care करनी होती है , और उन्हें genuinely like करना होता है . जितना हो सके अपने रिश्तों को बेहतर बनाएं , छोटी -छोटी चीजें जैसे कि Birthday wish करना, बधाई देना , सच्ची प्रशंशा करना , मुस्कुराते हुए मिलना , गर्मजोशी से हाथ मिलाना , गले लगना आपके संबंधों को प्रगाढ़ बनता है . और जब आप ऐसा करते हैं तो बदले में आपको भी वही मिलता है और आपकी ज़िन्दगी को खुशहाल बनाता है .

Habit 4: खुश रहने वाले अपने मन का काम करते हैं या जो काम करते हैं उसमे मन लगाते हैं :

यदि आप अपने interest का, अपने मन का काम करते हैं तो definitely वो आपके Happiness Quotient को बढ़ाएगा , लेकिन ज्यादातर लोग इतने lucky नहीं होते , उन्हें ऐसी job या business में लगना पड़ता है जो उनके interest के हिसाब से नहीं होतीं . पर खुश रहने वाले लोग जो काम करते हैं उसी में अपना मन लगा लेते हैं , भले ही parallely वो अपना पसंदीदा काम पाने का प्रयास करते रहे .

मैंने कई बार लोगों को जहाँ job करते हैं उस company की बुराई करते सुना है , अपने काम को दुनिया का सबसे बेकार काम कहते सुना है , ऐसा करना आपकी life को और भी difficult बनता है . खुश रहने वाले अपने काम की बुराई नहीं करते , वो उसके सकारात्मक पहलुओं पर focus करते हैं और उसे enjoy करते हैं .

मगर , यहाँ मैं यह ज़रूर कहना चाहूँगा कि यदि हम दुनिया के सबसे खुशहाल लोगों को देखें तो वो वही लोग होंगे जो अपने मन का काम करते हैं , इसलिए यदि आप जो कर रहे हैं उसे enjoy करना , उससे सीखना अच्छी बात है पर Steve Jobs की कही बात भी याद रखिये: ”आपका काम आपकी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा होगा, और truly-satisfied होने का एक ही तरीका है की आप वो करें जिसे आप सच-मुच एक बड़ा काम समझते हों…और बड़ा काम करने का एक ही तरीका है की आप वो करें जो करना आप enjoy करते हों.”

Habit 5: खुश रहने वाले हर उस बात पर यकीन नहीं करते जो उनके दिमाग में आती हैं :

Scientists के अनुसार हमारा brain हर रोज़ 60,000 thoughts produce करता है , और एक आम आदमी के case में इनमे से अधिकतर thoughts negative होती हैं . अगर आप daily अपने brain को हज़ारों negative thoughts से feed करेंगे तो खुश रहना तो मुश्किल होगा ही . इसलिए खुश रहने वाले व्यक्ति दिमाग में आ रहे बुरे विचारों को अधिक देर तक पनपने नहीं देते . वो benefit of doubt देना जानते हैं , वो जानते हैं कि हो सकता है जो वो सोच रहे हैं वो गलत हो , जिसे वो बुरा समझ रहे हैं वो अच्छा हो . ऐसा कर के इंसान relax हो जाता है , दरअसल हमारी सोच के हिसाब से brain में ऐसे chemical release होते हैं जो हमारे मूड को खुश या दुखी करते हैं .

जब आप नकारात्मक विचारों को सच मान लेते हैं तो आप का blood pressure बढ़ने लगता है और आप tensionize हो जाते हैं , वहीँ दूसरी तरफ जब आप उस पर doubt कर देते हैं तो आप अनजाने में ही brain को relaxed रहने का signal दे देते हैं .

Habit 6: खुश रहने वाले व्यक्ति अपने जीवन या काम को किसी बड़े उद्देश्य से जोड़ कर देखते हैं :

एक बार एक बूढी औरत कहीं से आ रही थी कि तभी उसने तीन मजदूरों को कोई ईमारत बनाते देखा . उसने पहले मजदूर से पूछा ,” तुम क्या कर रहे हो ?”, “ देखती नहीं मैं ईंटे ढो रहा हूँ .” उसने जवाब दिया .

फिर वो दुसरे मजदूर के पास गयी और उससे भी वही प्रश्न किया ,” तुम क्या कर रहे हो ?” ,” मैं अपने परिवार का पेट पालने के लिए मेहनत – मजदूरी कर रहा हूँ ?’ उत्तर आया .

फिर वह तीसरे मजदूर के पास गयी और पुनः वही प्रश्न किया ,” तुम क्या कर रहे हो ?,

उस व्यक्ति ने उत्साह के साथ उत्तर दिया , “ मैं इस शहर का सबसे भव्य मंदिर बना रहा हूँ ”

आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इन तीनों में से कौन सबसे अधिक खुश होगा!

दोस्तों, इस मजदूर की तरह ही खुश रहने वाले व्यक्ति अपने काम को किसी बड़े उद्देश्य से जोड़ कर देखते हैं , और ऐसा करना वाकई उन्हें आपार ख़ुशी देता है . ऐसा मैं इसलिए भी कह पा रहा हूँ क्योंकि मैं AchhiKhabar.Com को भी कुछ इसी तरह देखता हूँ . मैं ये सोचता हूँ कि इस site के जरिये मैं लाखों -करोड़ों लोगों की ज़िन्दगी को बेहतर बना सकता हूँ . मैं हमेशा यही प्रयास करता हूँ कि कैसे अच्छी से अच्छी बातें share करूँ कि पढने वालों की life में positive changes आएं , और शायद यही वज़ह है कि मैं इस काम से कभी थकता नहीं हूँ और इसे कर के सचमुच बहुत खुश और संतुष्ट होता हूँ .

Habit 7: खुश रहने वाले व्यक्ति अपनी life में होने वाली चीजों के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हैं :

खुश रहने वाले व्यक्ति responsibility लेना जानते हैं . अगर उनके साथ कुछ बुरा होता है तो वो इसका blame दूसरों पर नहीं लगाते , बल्कि खुद को इसके लिए जिम्मेदार मानते हैं .For example: अगर वो office के लिए late होते हैं तो traffic jam को नहीं कोसते बल्कि ये सोचते हैं कि थोडा पहले निकलना चाहिए था .

अपनी success का credit दूसरों को भले दे दें लेकिन अपनी failure के लिए खुद को ही जिम्मेदार मानें . जब आप अपने साथ होने वाली बुरी चीजों के लिए दूसरों को दोष देते हैं तो आपके अन्दर क्रोध आता है , पर जब आप खुद को जिम्मेदार मान लेते हैं तो आप थोडा disappoint होते हैं और फिर चीजों को सही करने के प्रयास में जुट जाते हैं . मैं खुद भी अपनी life में होने वाली हर एक अच्छी – बुरी चीज के लिए खुद को जिम्मेदार मानता हूँ . ऐसा करने से मेरी energy दूसरों में fault खोजने की जगह खुद को improve करने में लगती है , और ultimately मेरी happiness को बढाती है .

Friends, हो सकता है आप इनमे से कुछ बातों को already follow करते हों partially या शायद पूरी तरह से . पर यदि किसी भी Habit में खुद को थोडा सा भी improve करेंगे तो वो definitely आपकी happiness को बढ़ाएगा . Personally मुझे Habit 2 में माफ़ करने वाले part को improve करना है . तो चलिए हम सब साथ -साथ अपने Happiness Quotient को बढ़ाते हैं और एक खुशहाल जीवन जीने का प्रयास करते हैं .

निराशा से निकलने और खुद को motivate करने के 16 तरीके


दोस्तों कई बार ऐसा होता है कि हम भले ही बड़े motivation के साथ कोई काम शुरू करें पर किन्ही कारणों से कुछ समय बाद हम अपना motivation lose कर देते हैं, और वापस track पर आना मुश्किल लगने लगता है. आज AchhiKhabar.Com पर मैं आपके साथ ऐसी ही state से बाहर निकलने के 16 तरीके share कर रहा हूँ. ये पोस्ट Leo Babauta ने अपने बेहद popular ब्लॉग Zen Habits पर लिखी है , इसका title “Get Off Your Butt: 16 Ways to Get Motivated When You’re in a Slump” है और मैं यहाँ इसी पोस्ट का Hindi translation आपके साथ share कर रहा हूँ.
निराशा से निकलने और खुद को motivate करने के 16 तरीके

हममें से सबसे अधिक motivated लोग भी- आप,मैं, Tony Robbins (a self-help expert like Shiv Khera) – कभी -कभार demotivated feel कर सकते हैं. यहाँ तक की , कभी-कभी हम इतना low feel कर सकते हैं कि positive बदलाव के बारे में सोचना भी बहुत कठिन लगने लगता है.

पर ये निराशाजनक नहीं है: छोटे छोटे steps लेकर आप सकारात्मक बदलाव के रास्ते पर वापस आ सकते हैं.

हाँ , मैं जानता हूँ, कभी कभी ये असंभव लगता है. आपको कुछ करने का मन नहीं करता. मेरे साथ भी ये हुआ है,दरअसल अभी भी समय समय पर मैं ऐसा feel करता हूँ. आप अकेले नहीं हैं . लेकिन मैंने इस निराशा से बाहर निकलने के कुछ तरीके सीख लिए हैं, और हम आज उन्ही पर नज़र डालेंगे.

जब बीमारी , चोट या life में चल रही किसी और समस्या के कारण में व्यायाम नहीं कर पाता तो उसे वापस से शुरू करना कठिन होता है. कई बार, मैं उसके बारे में सोचना भी नहीं चाहता . लेकिन मैं हमेशा उस feeling से उबरने का कोई ना कोई रास्ता निकाल लेता हूँ, और यहाँ ऐसी ही कुछ बाते हैं जो मेरे लिए मददगार साबित होती हैं.

1. One Goal एक लक्ष्य

जब भी मैं थोडा down हुआ हूँ , मैंने पाया है कि अक्सर ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मेरी life में एक साथ बहुत कुछ चल रहा होता है. मैं बहुत कुछ करने की कोशिश कर रहा होता हूँ. और ये मेरी energy और motivation को ख़तम कर देता है. शायद ये सबसे common mistake है जो लोग करते हैं: वो एक साथ बहुत कुछ करने की कोशिश करते हैं. यदि एक समय में दो या उससे अधिक लक्ष्य achieve करने का प्रयास करते हैं तो आप अपनी ( लक्ष्य पाने के लिए दो सबसे महत्त्वपूर्ण चीजें ) energy और focus बनाये नहीं रख पाते. ये संभव नहीं है – मैंने कई बार कोशिश की है. आपको अभी के लिए कोई एक लक्ष्य चुनना होगा, और पूरी तरह से उसपर focus करना होगा. मुझे पाता है ये कठिन है, पर मैं अपने experience से बता रहा हूँ. एक बार आप अपना अभी का निर्धारित लक्ष्य प्राप्त कर लें फिर उसके बाद आप अपने बाकी लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं.

2. Find Inspiration प्रेरणा खोजिये

मुझे उन लोगों से प्रेरणा मिलती है जिन लोगों already वो achieve कर लिया है जो मैं करना चाहता हूँ, या वो लोग जो वही कर रहे हैं जो मैं करना चाहता हूँ. मैं औरों के blogs, books,magazines पढता हूँ. मैं अपने goals को Google करता हूँ , और success stories पढता हूँ. Zen Habits ऐसी ही जगहों में से एक है, सिर्फ मुझसे ही नहीं बल्कि अन्य कई readers से जिन्होंने अद्भुत चीजें प्राप्त की हैं.

3. Get Excited उत्साहित होइए

ये सुनने में बहुत obvious सी बात लगती है, पर ज्यादातर लोग इस बारे में अधिक नहीं सोचते हैं: अगर आप निराशा से निकलना चाहते हैं, तो किसी लक्ष्य के लिए उत्साहित हो जाइये. पर अगर आप motivated नहीं feel करते हैं तो आप excited कैसे feel करेंगे? Well, इसकी शुरुआत दूसरों से प्रेरणा लेकर होती है, लेकिन आपको दूसरों से उत्साह लेकर उसे अपनी उर्जा में बदलना होगा.मैंने पाया है कि मैं अपनी wife और अन्य लोगों से बात करके, इस बारे में ज्यादा से ज्यादा पढ़कर, और इसे visualize (दिमाग में goal achieve करने से होने वाले फायदे को देखना ) करके कि successful होना कैसा लगेगा, excited feel करने लगता हूँ. एक बार ये कर लिया तो बस इसी energy को आगे carry करने और आगे बढ़ने की ज़रुरत रहती है.

4.Build Anticipation अपेक्षा करें

ये सुनने में कुछ कठिन लग सकता है, और अकी लोग इस tip को skip कर देंगे. लेकिन ये सचमुच काम करती है. कई बार असफल प्रयासों के बाद इसी टिप की वजह से मैं cigarette पीना छोड़ पाया.अगर आपको अपना goal achieve करने की प्रेरणा मिल जाती है तो तुरंत उसे प्राप्त करने का प्रयास ना करें. हममें से कई लोग excited होके आज ही अपना काम शुरू करना चाहेंगे. ये एक गलती है. Future की कोई date set कीजिये – एक या दो हफ्ते बाद , या एक महीना भी – और उसे अपनी Start Date बनाइये. उसे कैलेण्डर पर mark कर लीजिये. उस date को लेकर उत्साहित होइए. उसे अपने जीवन की सबसे important date बना लीजिये. इस बीच अपना प्लान बनाइये. और नीचे दिए गए कुछ steps follow कीजिये. क्योंकि अपनी start delay करके आप anticipation build करते हैं और अपने लक्ष्य के प्रति अपनी उर्जा और ध्यान बढाते हैं.

5. Post your goal अपना लक्ष्य प्रकाशित करें

अपने goal का एक बड़ा सा print निकाल लें. अपना लक्ष्य कुछ ही शब्दों में लिखें , जैसे कोई मन्त्र (“Exercise 15 mins. Daily”), और उसे अपने दीवार या फ्रिज पर चिपका दें. इसे अपने घर में अपने office में लगा लें उसे अपने computer के desktop पर लगा लें. आप अपने goals के लिए बड़े reminders लगाना चाहते हैं , ताकि आप अपने goal पर focus कर पाएं और उसे लेकर excited रह पाएं. अपने goal से सम्बंधित कोई picture लगाना भी helpful हो सकता है (like a model with sexy abs, for example).

6.Commit Publicly सार्वजनिक रूप से प्रतिज्ञा लीजिये

कोई भी दूसरों के सामने बुरा नहीं दिखना चाहता है . जो बात हमने publicly कही है उसे करने के लिए हम extra effort करते हैं. For example, जब मैं अपनी पहली मैराथन दौड़ दौड़ना चाहता था , तब मैंने अपने local newspaper में इस बारे में एक column लिखना शुरू कर दिया. Guam की पूरी आबादी मेरे इस goal के बारे में जान गयी. अब मैं पीछे नहीं हट सकता था , हालांकि मेरी motivation कम -ज्यादा होती रही पर मैं इस goal को पकडे रहा और दौड़ complete की.आपको किसी newspaper में अपना goal commit करने की ज़रुरत नहीं है , पर आप इसे अपने family,friends, और co-workers से बता सकते हैं, और यदि आपका कोई blog है तो उसपर भी इस बारे में लिख सकते हैं.और खुद को जिम्मेदार ठेराइये – केवल एक बार commit मत करिए , बल्कि अपने progress के बारे में सभी को हर हफ्ते या महीने update करने के लिए भी commit करिए.

7. Think about it daily इस बारे में रोज़ सोचिये

यदि आप रोज़ अपने लक्ष्य के बारे में सोचते हैं तो उसके पूर्ण होने की संभावना कहीं अधिक है. इसीलिए अपने लक्ष्य को दीवार पर या desktop पर लगाना मददगार होता है . हर रोज़ खुद को reminder भेजना भी helpful होता है. और अगर आप रोज बस पांच मिनट भी ये छोटा सा काम करेंगे तो ये लगभग तय है की आपका लक्ष्य पूर्ण होगा.

8. Get Support. मदद लीजिये

अकेले कुछ हांसिल करना कठिन होता है. जब मैंने मैराथन में दौड़ने का निश्चय किया था , तो मेरे साथ दोस्तों और परिवार का support था, और साथ ही Guam में दौड़ने वालों की एक अच्छी community भी थी जो मेरे साथ दौड़ते थे और मुझे encourage करते थे. जब मैंने smoking quit करनी चाही तो मैंने एक online forum join कर लिया , जो मेरे लिए बहुत helpful रहा. और इस काम में मेरी wife Eva ने हर कदम पर मेरा साथ दिया. मैं उसकी और अन्य लोगों की मदद के बिना ऐसा नहीं कर पाता. अपना support network खोजिये , अपने आस-पास या online या दोनों जगह.

9. Realize that there’s an ebb and flow इस बात को समझिये की उतार-चढ़ाव आते रहते हैं

Motivation कोई ऐसी चीज नहीं है जो हमेशा आपके साथ रहे. ये आती है , जाती है और फिर आती है, ज्वार की तरह . इस बात को समझिये की भले ही ये चली जाए , पर वो हमेशा के लिए नहीं चली जाती . Motivation वापस आती है. बस अपने लक्ष्य से जुड़े रहिये और motivation के वापस आने का इंतज़ार कीजिय. इस दौरान अपने लक्ष्य के बारे में पढ़िए , दूसरों से मदद मांगिये , और यहाँ बताई अन्य कुछ चीजें कीजिये जब तक की आप का motivation वापस ना आ जाये.

10. Stick with it. लगे रहिये

आप चाहे जो कुछ भी करिए , पर हार नहीं मानिए. भले आप आज या इस हफ्ते बिलकुल ही motivated ना feel कर रहे हों , पर अपना लक्ष्य छोड़िये नहीं. आपकी motivation फिर वापस आएगी . अपने लक्ष्य को एक लम्बी यात्रा की तरह देखिये , और बीच में जो demotivation आता है वो महज़ एक speed-breaker है. छोटी मोती बाधाएं आने पर आप यात्रा नहीं छोड़ते. लम्बे समय तक अपने लक्ष्य के साथ जुड़े रहिये , उतार-चढ़ाव पार कीजिये और आप वहां पहुँच जायेंगे.

11.Start small. Really small छोटे, बहुत छोटे से शुरुआत कीजिये

अगर आपको शुरुआत करने में दिक्कत हो रही है तो शायद इसकी वजह ये है की आप बहुत बड़ा सोच रहे हैं. यदि आप व्यायाम करना चाहता हैं, तो शायद आप सोच रहे हों की हफ्ते में पांच दिन intensely workout करना है. नहीं – इसकी जगह छोटे-छोटे baby steps लीजिये. सिर्फ दो मिनट व्यायाम कीजिये. मुझे पता है ये आपको अटपटा लग रहा होगा. ये इतना आसान है, आप fail नहीं हो सकते. पर आप इसे करिए . बस कुछ crunches, 2 pushups, और वहीँ थोड़ी सी jogging. जब आपने एक हफ्ते तक ये २ मिनट तक कर लेंगे , तो इसे बढाकर पांच मिनट कर दीजिये , और एक हफ्ते तक इसे कीजिये. एक महीने में आप 15-20 मिनट करने लगेंगे. सुबह जल्दी उठाना चाहते हैं ? सुबह पांच बजे उठने का मत सोचिये, इसकी जगह आप एक हफ्ते तक बस 10 मिनट पहले उठिए . एक बार आपने ये कर लिया , तो 10 मिनट और जल्दी उठिए. Baby Steps.

12.Build on small successes छोटी छोटी उपलब्धियों के साथ आगे बढिए

एक बार फिर , अगर आप एक हफ्ते तक छोटे लक्ष्य के साथ शुरू करेंगे तो आप सफल होंगे. अगर किसी बेहद आसान चीज से शुरुआत करेंगे तो आप fail नहीं हो सकते. भला कौन दो मिनट तक exercise नहीं कर सकता? ( यदि आप वो हैं, तो मैं माफ़ी मांगता हूँ) और आप successful feel करेंगे , आपको अन्दर से अच्छा लगेगा. इसी feeling के साथ और छोटे-छोटे steps लेते जाइये . For example : अपनी exercise routine में दो-तीन मिनट add करिए. हर एक step के साथ (और हर स्टेप कम से कम एक हफ्ते चलना चाहिए), और आप और भी successful feel करेंगे. हर एक स्टेप बहुत बहुत छोटा रखिये और आप fail नहीं होंगे. दो महीने बाद , आपके छोटे छोटे कदम आपको बहुत सारी progress और success दिलाएंगे

13.Read about it daily. रोज़ इसके बारे में पढ़ें

जब मैं अपना motivation lose करता हूँ , मैं अपने लक्ष्य से सम्बंधित कोई किताब या ब्लॉग पढता हूँ. ये मुझे प्रेरित करता है और मुझे दृढ बनता है. किसी वजह से आप जो कुछ भी पढ़ते हैं वो आपको उस विषय में प्रेरित करता है और आपका ध्यान केन्द्रित करने में मदद करता है. इसलिए अगर आप पढ़ सकते हैं तो रोज़ अपने लक्ष्य के बारे में पढ़िए , खासतौर से तब जब आप motivated ना feel कर रहे हों.

14.Call for help when your motivation ebbs जब प्रेरणा कम हो तब मदद मांगिये

समस्या है? मदद मांगिये. मुझे email करिए. कोई online forum join करिए. अपने लिए कोई partner खोजिये. अपनी माँ को call कीजिये. इससे मतलब नहीं है की सामने वाला कौन है , बस अपनी समस्या बताइए , इस बारे में बात करना आपके लिए helpful होगा. उनकी advice मांगिये . उनसे आपको demotivated state से निकालने के लिए मदद करने के लिए कहिये. ये काम करता है.

15.Think about the benefits, not the difficulties. फायदों के बारे में सोचिये परेशानियों के बारे में नहीं

एक common problem है कि हम ये सोचते हैं कि कोई चीज कितनी कठिन है . Exercise करना बहुत कठिन लगता है ! इसके बारे में सोचना ही आपको थका देता है.पर ये सोचना कि बजाये की कोई चीज कितनी कठिन है , ये सोचिये की उसके कितने फायदे हैं. For Example, ये सोचने की जगह कि व्यायाम करना कितना कठिन है;आप ये सोचिये की ये करने के बाद आप कितना अच्छा feel करेंगे, और long run में आप कितने healthier और slimmer होंगे. किसी चीज के फायदे आपको energize कर देंगे.

16.Squash negative thoughts; replace them with positive ones. नकारात्मक विचारों को त्यागिये और उन्हें सकारात्मक विचारों से बदल दीजिये

अपने विचारों को monitor करना ज़रूरी है. आप जो negative self-talk करते हैं, जो दरअसल आपको demotivate कर रहा है उसे पहचानिए. कुछ दिन बस ये जानने में बिताइए कि आपके अन्दर कौन कौन से नकारात्मक विचार हैं, और फिर कुछ दिनों बाद उन्हें एक bug की तरह अपने अन्दर से निकालिए , और फिर उन्हें corresponding positive thought से replace कर दीजिये . अगर आप सोचते हैं कि ,” ये बहुत कठिन है” तो उसे ” मैं ये कर सकता हूँ” से बदल दीजिये . अगर वो Leo इसे कर सकता है , तो मैं भी! ये कुछ अटपटा सुने देता है , पर ये काम करता है. सचमुच.

Friday, February 7, 2014

रंगीला पाकपिता गाँधी

क्या राष्ट्रपिता मोहनदास कर्मचंद गांधी असामान्य सेक्स बीहैवियर वाले अर्द्ध-दमित सेक्स मैनियॉक थे? जी हां, महात्मा गांधी के सेक्स-जीवन को केंद्र बनाकर लिखी गई किताब गांधीः नैक्ड ऐंबिशनमें एक ब्रिटिश प्रधानमंत्री के हवाले से ऐसा ही कहा गया है। महात्मा गांधी पर लिखी किताब आते ही विवाद के केंद्र में आ गई है जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उसकी मांग बढ़ गई है। मशहूर ब्रिटिश इतिहासकार जैड ऐडम्स ने पंद्रह साल के अध्ययन और शोध के बाद गांधीः नैक्ड ऐंबिशनको किताब का रूप दिया है।

किताब में वैसे तो नया कुछ नहीं है। राष्ट्रपिता के जीवन में आने वाली महिलाओं और लड़कियों के साथ गांधी के आत्मीय और मधुर रिश्तों पर ख़ास प्रकाश डाला गया है। रिश्ते को सनसनीख़ेज़ बनाने की कोशिश की गई है। मसलन, जैड ऐडम्स ने लिखा है कि गांधी नग्न होकर लड़कियों और महिलाओं के साथ सोते ही नहीं थे बल्कि उनके साथ बाथरूम में नग्न स्नानभी करते थे।

महात्मा गांधी हत्या के साठ साल गुज़र जाने के बाद भी हमारे मानस-पटल पर किसी संत की तरह उभरते हैं। अब तक बापू की छवि गोल फ्रेम का चश्मा पहने लंगोटधारी बुजुर्ग की रही है जो दो युवा-स्त्रियों को लाठी के रूप में सहारे के लिए इस्तेमाल करता हुआ चलता-फिरता है। आख़िरी क्षण तक गांधी ऐसे ही राजसी माहौल में रहे। मगर किसी ने उन पर उंगली नहीं उठाई। ऐसे में इस किताब में लिखी बाते लोगों ख़ासकर, गांधीभक्तों को शायद ही हजम हों। दुनिया के लिए गांधी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के आध्यात्मिक नेता हैं। वह अहिंसा के प्रणेता और भारत के राष्ट्रपिता भी हैं। जो दुनिया को सविनय अवज्ञा और अहिंसा की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। कहना न होगा कि दुबली काया वाले उस पुतले ने दुनिया के कोने-कोने में मानव अधिकार आंदोलनों को ऊर्जा दी, उन्हें प्रेरित किया।

नई किताब यह खुलासा करती है कि गांधी उन युवा महिलाओं के साथ ख़ुद को संतप्त किया जो उनकी पूजा करती थीं और अकसर उनके साथ बिस्तर शेयर करती थीं। बहरहाल, ऐडम्स का दावा है कि लंदन से क़ानून की पढ़ाई करने के बाद वकील से गुरु बने गांधी की इमैज कठोर नेता की बनी जो अपने अनोखी सेक्सुअल डिमांड से अनुयायियों को वशीभूत कर लेता है। आमतौर पर लोग के लिए यह आचरण असहज हो सकता है पर गांधी के लिए सामान्य था। ऐडम्स ने किताब में लिखा है कि गांधी ने अपने आश्रमों में इतना कठोर अनुशासन बनाया था कि उनकी छवि 20वीं सदी के धर्मवादी नेताओं जैम्स वॉरेन जोन्स और डेविड कोरेश की तरह बन गई जो अपनी सम्मोहक सेक्स अपील से अनुयायियों को क़रीब-क़रीब ज्यों का त्यों वश में कर लेते थे। ब्रिटिश हिस्टोरियन के मुताबिक महात्मा गांधी सेक्स के बारे लिखना या बातें करना बेहद पसंद करते थे। किताब के मुताबिक हालांकि अन्य उच्चाकाक्षी पुरुषों की तरह गांधी कामुक भी थे और सेक्स से जुड़े तत्थों के बारे में आमतौर पर खुल कर लिखते थे। अपनी इच्छा को दमित करने के लिए ही उन्होंने कठोर परिश्रम का अनोखा स्वाभाव अपनाया जो कई लोगों को स्वीकार नहीं हो सकता।

किताब की शुरुआत ही गांधी की उस स्वीकारोक्ति से हुई है जिसमें गांधी ख़ुद लिखा या कहा करते थे कि उनके अंदर सेक्स-ऑब्सेशन का बीजारोपण किशोरावस्था में हुआ और वह बहुत कामुक हो गए थे। 13 साल की उम्र में 12 साल की कस्तूरबा से विवाह होने के बाद गांधी अकसर बेडरूम में होते थे। यहां तक कि उनके पिता कर्मचंद उर्फ कबा गांधी जब मृत्यु-शैया पर पड़े मौत से जूझ रहे थे उस समय किशोर मोहनदास पत्नी कस्तूरबा के साथ अपने बेडरूम में सेक्स का आनंद ले रहे थे।

किताब में कहा गया है कि विभाजन के दौरान नेहरू गांधी को अप्राकृतिक और असामान्य आदत वाला इंसान मानने लगे थे। सीनियर लीडर जेबी कृपलानी और वल्लभभाई पटेल ने गांधी के कामुक व्यवहार के चलते ही उनसे दूरी बना ली। यहां तक कि उनके परिवार के सदस्य और अन्य राजनीतिक साथी भी इससे ख़फ़ा थे। कई लोगों ने गांधी के प्रयोगों के चलते आश्रम छोड़ दिया। ऐडम ने गांधी और उनके क़रीबी लोगों के कथनों का हवाला देकर बापू को अत्यधिक कामुक साबित करने का पूरा प्रयास किया है। किताब में पंचगनी में ब्रह्मचर्य का प्रयोग का भी वर्णन किया है, जहां गांधी की सहयोगी सुशीला नायर गांधी के साथ निर्वस्त्र होकर सोती थीं और उनके साथ निर्वस्त्र होकर नहाती भी थीं। किताब में गांधी के ही वक्तव्य को उद्धरित किया गया है। मसलन इस बारे में गांधी ने ख़ुद लिखा है, “नहाते समय जब सुशीला निर्वस्त्र मेरे सामने होती है तो मेरी आंखें कसकर बंद हो जाती हैं। मुझे कुछ भी नज़र नहीं आता। मुझे बस केवल साबुन लगाने की आहट सुनाई देती है। मुझे कतई पता नहीं चलता कि कब वह पूरी तरह से नग्न हो गई है और कब वह सिर्फ अंतःवस्त्र पहनी होती है।

किताब के ही मुताबिक जब बंगाल में दंगे हो रहे थे गांधी ने 18 साल की मनु को बुलाया और कहा अगर तुम साथ नहीं होती तो मुस्लिम चरमपंथी हमारा क़त्ल कर देते। आओ आज से हम दोनों निर्वस्त्र होकर एक दूसरे के साथ सोएं और अपने शुद्ध होने और ब्रह्मचर्य का परीक्षण करें।ऐडम का दावा है कि गांधी के साथ सोने वाली सुशीला, मनु और आभा ने गांधी के साथ शारीरिक संबंधों के बारे हमेशा अस्पष्ट बात कही। जब भी पूछा गया तब केवल यही कहा कि वह ब्रह्मचर्य के प्रयोग के सिद्धांतों का अभिन्न अंग है।

ऐडम्स के मुताबिक गांधी अपने लिए महात्मा संबोधन पसंद नहीं करते थे और वह अपने आध्यात्मिक कार्य में मशगूल रहे। गांधी की मृत्यु के बाद लंबे समय तक सेक्स को लेकर उनके प्रयोगों पर लीपापोती की जाती रही। हत्या के बाद गांधी को महिमामंडित करने और राष्ट्रपिता बनाने के लिए उन दस्तावेजों, तथ्यों और सबूतों को नष्ट कर दिया, जिनसे साबित किया जा सकता था कि संत गांधी दरअसल सेक्स मैनियैक थे। कांग्रेस भी स्वार्थों के लिए अब तक गांधी और उनके सेक्स-एक्सपेरिमेंट से जुड़े सच को छुपाती रही है। गांधीजी की हत्या के बाद मनु को मुंह बंद रखने की सलाह दी गई। सुशीला भी इस मसले पर हमेशा चुप ही रहीं।

किताब में ऐडम्स दावा करते हैं कि सेक्स के जरिए गांधी अपने को आध्यात्मिक रूप से शुद्ध और परिष्कृत करने की कोशिशों में लगे रहे। नवविवाहित जोड़ों को अलग-अलग सोकर ब्रह्मचर्य का उपदेश देते थे। ऐडम्स के अनुसार सुशीला नायर, मनु और आभा के अलावा बड़ी तादाद में महिलाएं गांधी के क़रीब आईं। कुछ उनकी बेहद ख़ास बन गईं। बंगाली परिवार की विद्वान और ख़ूबसूरत महिला सरलादेवी चौधरी से गांधी का संबंध जगज़ाहिर है। हालांकि गांधी केवल यही कहते रहे कि सरलादेवी उनकी आध्यात्मिक पत्नीहैं। गांधी जी डेनमार्क मिशनरी की महिला इस्टर फाइरिंग को प्रेमपत्र लिखते थे। इस्टर जब आश्रम में आती तो बाकी लोगों को जलन होती क्योंकि गांधी उनसे एकांत में बातचीत करते थे। किताब में ब्रिटिश एडमिरल की बेटी मैडलीन स्लैड से गांधी के मधुर रिश्ते का जिक्र किया गया है जो हिंदुस्तान में आकर रहने लगीं और गांधी ने उन्हें मीराबेन का नाम दिया।

ऐडम्स ने कहा है कि नब्बे के दशक में उसे अपनी किताब द डाइनैस्टीलिखते समय गांधी और नेहरू के रिश्ते के बारे में काफी कुछ जानने को मिला। इसके बाद लेखक की तमन्ना थी कि वह गांधी के जीवन को अन्य लोगों के नजरिए से किताब के जरिए उकेरे। यह किताब उसी कोशिश का नतीजा है। जैड दावा करते हैं कि उन्होंने ख़ुद गांधी और उन्हें बेहद क़रीब से जानने वालों की महात्मा के बारे में लिखे गए किताबों और अन्य दस्तावेजों का गहन अध्ययन और शोध किया है। उनके विचारों का जानने के लिए कई साल तक शोध किया। उसके बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे।

इस बारे में ऐडम्स ने स्वीकार किया है कि यह किताब विवाद से घिरेगी। उन्होंने कहा, “मैं जानता हूं इस एक किताब को पढ़कर भारत के लोग मुझसे नाराज़ हो सकते हैं लेकिन जब मेरी किताब का लंदन विश्वविद्यालय में विमोचन हुआ तो तमाम भारतीय छात्रों ने मेरे प्रयास की सराहना की, मुझे बधाई दी।” 288 पेज की करीब आठ सौ रुपए मूल्य की यह किताब जल्द ही भारतीय बाज़ार में उपलब्ध होगी। 'गांधीः नैक्ड ऐंबिशन' का लंदन यूनिवर्सिटी में विमोचन हो चुका है। किताब में गांधी की जीवन की तक़रीबन हर अहम घटना को समाहित करने की कोशिश की गई है। जैड ऐडम्स ने गांधी के महाव्यक्तित्व को महिमामंडित करने की पूरी कोशिश की है। हालांकि उनके सेक्स-जीवन की इस तरह व्याख्या की है कि गांधीवादियों और कांग्रेसियों को इस पर सख़्त ऐतराज़ हो सकता है।

लेखक हरिगोविंद विश्वकर्मा वरिष्ठ पत्रकार हैं. इस लेख का स्रोत ब्रिटिश अख़बारों में गांधीः नैक्ड ऐंबिशनके छपे रिव्यू और रिपोर्ताज हैं.

Wednesday, February 5, 2014

मित्रो बहुत से लोग नशा छोडना चाहते है पर उनसे छुटता नहीं है !बार बार वो

मित्रो बहुत से लोग नशा छोडना चाहते है पर उनसे छुटता नहीं है !बार बार वो
कहते है हमे मालूम है ये गुटका खाना अच्छा नहीं है लेकिन तलब उठ जाती है तो क्या करे ???
बार बार लगता है ये बीड़ी सिगरेट पीना अच्छा नहीं है लेकिन तलब उठ जाती है तो क्या करे !??
बार बार महसूस होता है यह शाराब पीना अच्छा नहीं है लेकिन तलब हो जाती है तो क्या करे ! ????
तो आपको बीड़ी सिगरेट की तलब न आए गुटका खाने के तलब न लगे ! शारब पीने की तलब न लगे ! इसके लिए बहुत अच्छे दो उपाय है जो आप बहुत आसानी से कर सकते है ! पहला ये की जिनको बार बार तलब लगती है जो अपनी तलब पर कंट्रोल नहीं कर पाते नियंत्रण नहीं कर पाते इसका मतलब उनका मन कमजोर है ! तो पहले मन को मजबूत बनाओ!
एक तरीका है आपके घर मे एक आयुर्वेदिक ओषधि है जिसको आप सब अच्छे से जानते है और पहचानते हैं ! राजीव भाई ने उसका बहुत इस्तेमाल किया है लोगो का नशा छुड्वने के लिए ! और उस ओषधि का नाम है अदरक ! और आसानी से सबके घर मे होती है ! इस अदरक के टुकड़े कर लो छोटे छोटे उस मे नींबू निचोड़ दो थोड़ा सा काला नमक मिला लो और इसको धूप मे सूखा लो ! सुखाने के बाद जब इसका पूरा पानी खतम हो जाए तो इन अदरक के टुकड़ो को अपनी जेब मे रख लो ! जब भी दिल करे गुटका खाना है तंबाकू खाना है बीड़ी सिगरेट पीनी है ! तो आप एक अदरक का टुकड़ा निकालो मुंह मे रखो और चूसना शुरू कर दो ! और यह अदरक ऐसे अदबुद चीज है आप इसे दाँत से काटो मत और सवेरे से शाम तक मुंह मे रखो तो शाम तक आपके मुंह मे सुरक्षित रहता है ! इसको चूसते रहो आपको गुटका खाने की तलब ही नहीं उठेगी ! तंबाकू सिगरेट लेने की इच्छा ही नहीं होगी शराब पीने का मन ही नहीं करेगा ! बहुत आसन है कोई मुश्किल काम नहीं है ! फिर से लिख देता हूँ !
अदरक के टुकड़े कर लो छोटे छोटे उस मे नींबू निचोड़ दो थोड़ा सा काला नमक मिला लो और इसको धूप मे सूखा लो ! सुखाने के बाद जब इसका पूरा पानी खतम हो जाए तो इन अदरक के टुकड़ो को अपनी जेब मे रख लो ! डिब्बी मे रखो पुड़िया बना के रखो जब तलब उठे तो चूसो और चूसो ! जैसे ही इसका रस लाड़ मे घुलना शुरू हो जाएगा आप देखना इसका चमत्कारी असर होगा आपको फिर गुटका –तंबाकू शराब –बीड़ी सिगरेट आदि की इच्छा ही नहीं होगी ! सुबह से शाम तक चूसते रहो ! और 10 -15 -20 दिन लगातार कर लिया ! तो हमेशा के लिए नशा आपका छूट जाएगा !
आप बोलेगे ये अदरक मैं ऐसे क्या चीज है !????
यह अदरक मे एक ऐसे चीज है जिसे हम रसायनशास्त्र (क्मिस्ट्री) मे कहते है सल्फर! अदरक मे सल्फर बहुत अधिक मात्रा मे है ! और जब हम अदरक को चूसते है जो हमारी लार के साथ मिल कर अंदर जाने लगता है ! तो ये सल्फर जब खून मे मिलने लगता है ! तो यह अंदर ऐसे हारमोनस को सक्रिय कर देता है ! जो हमारे नशा करने की इच्छा को खत्म कर देता है !
और विज्ञान की जो रिसर्च है सारी दुनिया मे वो यह मानती है की कोई आदमी नशा तब करता है ! जब उसके शरीर मे सल्फर की कमी होती है ! तो उसको बार बार तलब लगती है बीड़ी सिगरेट तंबाकू आदि की ! तो सल्फर की मात्रा आप पूरी कर दो बाहर से ये तलब खत्म हो जाएगी ! इसका राजीव भाई ने हजारो लोगो पर परीक्षण किया और बहुत ही सुखद प्रणाम सामने आए है ! बिना किसी खर्चे के शराब छूट जाती है बीड़ी सिगरेट शराब गुटका आदि छूट जाता है ! तो आप इसका प्रयोग करे !
और इसका दूसरे उपयोग का तरीका पढे !
अदरक के रूप मे सल्फर भगवान ने बहुत अधिक मात्रा मे दिया है ! और सस्ता है! इसी सल्फर को आप होमिओपेथी की दुकान से भी प्राप्त कर सकते हैं ! आप कोई भी होमिओपेथी की दुकान मे चले जाओ और विक्रेता को बोलो मुझे सल्फर नाम की दवा देदो ! वो देदेगा आपको शीशी मे भरी हुई दावा देदेगा ! और सल्फर नाम की दवा होमिओपेथी मे पानी के रूप मे आती है प्रवाही के रूप मे आती है जिसको हम Dilution कहते है अँग्रेजी मे !
तो यह पानी जैसे आएगी देखने मे ऐसे ही लगेगा जैसे यह पानी है ! 5 मिली लीटर दवा की शीशी 5 रूपये आती है ! और उस दवा का एक बूंद जीभ पर दाल लो सवेरे सवेरे खाली पेट ! फिर अगले दिन और एक बूंद डाल लो ! 3 खुराक लेते ही 50 से 60 % लोग की दारू छूट जाती है ! और जो ज्यादा पियाकड़ है !जिनकी सुबह दारू से शुरू होती है और शाम दारू पर खतम होती है ! वो लोग हफ्ते मे दो दो बार लेते रहे तो एक दो महीने तक करे बड़े बड़े पियकरों की दारू छूट जाएगी !राजीव भाई ने ऐसे ऐसे पियकारों की दारू छुड़ाई है ! जो सुबह से पीना शुरू करते थे और रात तक पीते रहते थे ! उनकी भी दारू छूट गई बस इतना ही है दो तीन महीने का समय लगा !
तो ये सल्फर अदरक मे भी है ! होमिओपेथी की दुकान मे भी उपलब्ध है ! आप आसानी से खरीद सकते है !लेकिन जब आप होमिओपेथी की दुकान पर खरीदने जाओगे तो वो आपको पुछेगा कितनी ताकत की दवा दूँ ??!
मतलब कितनी Potency की दवा दूँ ! तो आप उसको कहे 200 potency की दवा देदो ! आप सल्फर 200 कह कर भी मांग सकते है ! लेकिन जो बहुत ही पियकर है उनके लिए आप 1000 Potency की दवा ले !आप 200 मिली लीटर का बोतल खरीद लो एक 150 से रुपए मे मिलेगी ! आप उससे 10000 लोगो की शराब छुड़वा सकते हैं ! मात्र एक बोतल से ! लेकिन साथ मे आप मन को मजबूत बनाने के लिए रोज सुबह बायीं नाक से सांस ले ! और
अपनी इच्छा शक्ति मजबूत करे !!!
अब एक खास बात !
बहुत ज्यादा चाय और काफी पीने वालों के शरीर मे arsenic तत्व की कमी होती है ! उसके लिए आप arsenic 200 का प्रयोग करे !
गुटका,तंबाकू,सिगरेट,बीड़ी पीने वालों के शरीर मे phosphorus तत्व की कमी होती है !
उसके लिए आप phosphorus 200 का प्रयोग करे !
और शराब पीने वाले मे सबसे ज्यादा sulphur तत्व की कमी होती है !
उसके लिए आप sulphur 200 का प्रयोग करे !!
सबसे पहले शुरुवात आप अदरक से ही करे !!
आपने पूरी पोस्ट पढ़ी बहुत बहुत धन्यवाद !
अमर शहीद राजीव दीक्षित जी की जय !
वन्देमातरम !
एक बार यहाँ जरूर क्लिक करे !

जॉब सर्च कर रहे हैं? तो ये खबर आपके लिए है क्योंकि प्राइवेट सेक्टर में 56,000 वैकेंसी आ रही है.

सहारा ग्रुप ने किया 56,000 लोगों को नियुक्त करने का ऐलान



और भी..1-754028.html
देश के एक बड़े कारोबारी समूह सहारा ने ऐलान किया है कि वह इस साल 56,000 नए कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा. ग्रुप के यह भी घोषणा की है कि वह 32,400 करोड़ रुपये का निवेश करेगा.
समूह निवेशकों को 20,000 करोड़ रुपये लौटाने के मामले में शेयर बाजार विनियामक सेबी के साथ लम्बे विवाद में उलझा हुआ है. ये मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है. समूह ने अखबारों में दिए गए तीन पजे के विज्ञापन में देश और विदेश में स्थित अपनी विभिन्न व्यावसायिक इकाइयों के लिए सीनियर लेवल पर अफसरों की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे हैं.
जिन कारोबारों के लिए आवेदन मंगवाए गए हैं उनमें एफएमसीजी एवं खुदरा, डेयरी, पोल्ट्री, मंहगे जमीन-जायदाद एवं जीवनशैली, खाद्य फैक्ट्री, सस्ते मकान, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पोंसिबिलिटी, शिक्षा और समुद्री पर्यटन (सहारा वाटर होम्स) शामिल हैं.
अगले तीन साल में चार लाख लोगों के लिए रोजगार
विज्ञापन के अनुसार 56,000 नई रिक्तियां 2014 के अंत तक पूरी करने की योजना है. साथ ही अपने आपको सहारा इंडिया परिवार कहने वाले सहारा समूह ने कहा है कि वह अगले तीन साल में चार लाख लोगों के लिए रोजगार के मौके पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है.
रोजगार के मौकों के अलावा समूह ने 32,394 करोड़ रुपये की राशि की निवेश योजना का भी घोषित की है. नौकरी से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप कंपनी की वेबसाइट ( http://www.sahara.in/careers/index.html ) पर जा सकते हैं.

FACEBOOK पर मस्ती, केजरीवाल को लेकर किया मसखरों ने FUNNY काम

FACEBOOK पर मस्ती, केजरीवाल को लेकर किया मसखरों ने FUNNY काम
बसंतीकेजरी गब्बर पुलिस आ रही है भाग जाओ...
केजरी गब्बर- AAP भाग जाओ मैं तो धरने पर हूं...
बसंती- तो मरो, पुलिस जब 2-4 धर देगी तब निकल जाएगा धरना...

आगे और भी है.....

Tuesday, February 4, 2014

ये हैं दुनिया के 18 सबसे अमीर और सेक्सी रॉयल्स, PICS में देखें शाही अंदाज!

ये हैं दुनिया के 18 सबसे अमीर और सेक्सी रॉयल्स, PICS में देखें शाही अंदाज!
राजा-महाराजाओं का ज़माना अब नहीं रहा, लेकिन उनके घरानों की इज्जत आज भी बरकारार है।आज भी दुनियाभर में राजघरानों में पैदा होने वाले बच्चों को लोग राजकुमार या राजकुमारी कहकर ही संबोधित करते हैं। भारत में ही देख लीजिए, जयपुर, जोधपुर या फिर ग्वालियर जहां भी राजघराने हैं, उनमें रहने वाले लोग या तो पूर्व महाराज या फिर पूर्व राजकुमार ही कहलाते हैं।
कभी जनता पर शासन करने वाले राजा-महाराजाओं के ये घराने आज व्यवसाय और राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने लगे हैं। भारत में इस साल ही देख लीजिए अकेले राजस्थान से 7 राजघरानों के सदस्य विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। यही हाल दुनियाभर के बाकि देशों का भी है।
ऐसे कई देश हैं जहां के राजकुमार-राजकुमारियां न केवल धनदौलत से परिपूर्ण है बल्कि खूबसूरती में भी बहुत आगे हैं, इन राजकुमार और राजकुमारियों की काबलियत, सेक्सी अंदाज सभी को खूब आकर्षित करता है।
आइये, आज हम तस्वीरों में दिखाते हैं दुनिया के सबसे काबिल और सेक्सी राजकुमार-राजकुमारियों की एक झलक, जिनकी गिनती सबसे अमीर रॉयल्स में भी होती है। देखें आगे की स्लाइड्स और बताइये आपकी नजर में कौन है सबसे कूल और कौन है सबसे हॉट .
ये हैं दुनिया के 18 सबसे अमीर और सेक्सी रॉयल्स, PICS में देखें शाही अंदाज!
थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवंनावेरी नारिराताना
प्रिंस कार्ल फिलिप, स्वीडन के राजकुमार
ये हैं दुनिया के 18 सबसे अमीर और सेक्सी रॉयल्स, PICS में देखें शाही अंदाज!
वेल्स के राजकुमार हेनरी चार्ल्स अलबर्ट डेविड
ये हैं दुनिया के 18 सबसे अमीर और सेक्सी रॉयल्स, PICS में देखें शाही अंदाज!
न्यूयॉर्क की राजकुमारी बीट्राइस एलिजाबेथ मैरी
ये हैं दुनिया के 18 सबसे अमीर और सेक्सी रॉयल्स, PICS में देखें शाही अंदाज!
न्यूयॉर्क की राजकुमारी यूगेनी विक्टोरिया हेलेना
ये हैं दुनिया के 18 सबसे अमीर और सेक्सी रॉयल्स, PICS में देखें शाही अंदाज!
बेल्जियम के राजकुमार अमेदिओ
ये हैं दुनिया के 18 सबसे अमीर और सेक्सी रॉयल्स, PICS में देखें शाही अंदाज!
ग्रीस और डेनमार्क की राजकुमारी थेडोरा
ये हैं दुनिया के 18 सबसे अमीर और सेक्सी रॉयल्स, PICS में देखें शाही अंदाज!
लक्समबर्ग के राजकुमार फेलिक्स लियोपोल्ड मारी गुईलॉम
ये हैं दुनिया के 18 सबसे अमीर और सेक्सी रॉयल्स, PICS में देखें शाही अंदाज!
ग्रीस और डेनमार्क के राजकुमार फिलिपपोस।
ये हैं दुनिया के 18 सबसे अमीर और सेक्सी रॉयल्स, PICS में देखें शाही अंदाज!
थूर्न यूंड टेक्सिस के राजकुमार अल्बर्ट







Monday, February 3, 2014

साधु और नर्तकी

Hindi Kahani स्वर्ग या नरक
क्या चाहिए :स्वर्ग या नरक?
किसी गाँव मेँ एक साधु रहता था जो दिन भर लोगोँ को उपदेश दिया करता था। उसी गाँव मेँ एक नर्तकी थी, जो लोगोँ के सामनेँ नाचकर उनका मन बहलाया करती थी।
एक दिन गाँव मेँ बाढ़ आ गयी और दोनोँ एक साथ ही मर गये। मरनेँ के बाद जब ये दोनोँ यमलोक पहूँचे तो इनके कर्मोँ और उनके पीछे छिपी भावनाओँ के आधार पर इन्हेँ स्वर्ग या नरक दिये जानेँ की बात कही गई। साधु खुद को स्वर्ग मिलनेँ को लेकर पुरा आश्वस्त था। वहीँ नर्तकी अपनेँ मन मेँ ऐसा कुछ भी विचार नहीँ कर रही थी। नर्तकी को सिर्फ फैसले का इंतजार था।
तभी घोषणा हूई कि साधु को नरक और नर्तकी को स्वर्ग दिया जाता है। इस फैसले को सुनकर साधु गुस्से से यमराज पर चिल्लाया और क्रोधित होकर पूछा , “यह कैसा न्याय है महाराज?, मैँ जीवन भर लोगोँ को उपदेश देता रहा और मुझे नरक नसीब हुआ! जबकि यह स्त्री जीवन भर लोगोँ को रिझानेँ के लिये नाचती रही और इसे स्वर्ग दिया जा रहा है। ऐसा क्योँ?”
यमराज नेँ शांत भाव से उत्तर दिया ,” यह नर्तकी अपना पेट भरनेँ के लिये नाचती थी लेकिन इसके मन मेँ यही भावना थी कि मैँ अपनी कला को ईश्वर के चरणोँ मेँ समर्पित कर रही हूँ। जबकि तुम उपदेश देते हुये भी यह सोँचते थे कि कि काश तुम्हे भी नर्तकी का नाच देखने को मिल जाता !
हे साधु ! लगता है तुम इस ईश्वर के इस महत्त्वपूर्ण सन्देश को भूल गए कि इंसान के कर्म से अधिक कर्म करने के पीछे की भावनाएं मायने रखती है। अतः तुम्हे नरक और नर्तकी को स्वर्ग दिया जाता है। “
मित्रों , हम कोई भी काम करें , उसे करने के पीछे की नियत साफ़ होनी चाहिए , अन्यथा दिखने में भले लगने वाले काम भी हमे पुण्य की जगह पाप का ही भागी बना देंगे।

करोड़पति बनना है तो नौकरी छोडिये

चलिए, पहले एक छोटी से exercise करते हैं. आप अपने शहर के किन्ही पांच करोड़पतियों की list मन में सोचिये…..please इस step को miss मत कीजिये , सोचिये ज़रूर !!!
अब बताइये इस लिस्ट में क्या कोई ऐसा भी है जो नौकरी पेशा है? मेरी लिस्ट में तो नहीं है,मेरे दिमाग में जो नाम आये वो मै आपको बताना चाहूँगा. मैं Gorakhpur  का रहने वाला हूँ और ये लोग वहीँ के हैं:
  • चेतना मसाले वाले Uncle,
  •  डॉ. अग्रवाल, जिनका खुद का Hospital है
  • Mr. Jalan-  सरिया वाले
  • मेरेcolony के एक uncle जिनके Engineering College चलते हैं , और
  • बरनवाल Uncle , जिनके यहाँ से हम लोग Jewelery  खरीदते हैं.
इन सभी में एक बात common   है. लोग इनके यहाँ नौकरी करते हैं पर ये किसी के यहाँ नौकरी नहीं करते.ये सभी उद्यमी हैं, Entrepreneurs हैं, Businessmen  हैं पर employee  नहीं हैं.
मैंने कुछ दोस्तों से भी ये प्रश्न किया उनकी सूची में भी किसी नौकरी करने वाले का नाम नहीं था. अब ये बात और है की आप दिमाग पे जोर डालेंगे तो कुछ ऐसे लोग मिल जायेंगे पर इनमे से ज्यादातर के बाल या तो सफ़ेद हो चुके होंगे या फिर पूरी फसल ही साफ़ हो चुकी होगी.अगर बाल सफ़ेद करा कर Crorepati बनाना है तो नौकरी  बुरी नहीं है..तीन-चार  promotion  और  15- 20 साल  में Crorepati बन ही जायेंगे… पर ऐसे बने तो बच्चों के लिए बनेंगे अपने लिए नहीं…और मज़ा तो अपने लिए बनने में है….क्यों? और अगर अपने लिए Crorepati बनना है तो खुद बनना होगा एक Entrepreneur.
यहाँ एक बात कहना चाहूँगा कुछ लोग ज्यादा पैसा कमाने कि इच्छा रखने वालों को उतनी  respect  से नहीं देखते हैं, पर मुझे लगता  है कि इस मंहगाई को देखकर उनके विचार में भी बदलाव आ चुका होगा….कितना कमाना  ज्यादा कमाना है इसकी परिभाषा बड़ी तेजी से बदल रही है…मेरी नज़र मैं ज्यादा पैसे कमाने कि इच्छा रखना एक अच्छी बात है..  बशर्ते उसे कमाने के लिए गलत काम न किये जाएँ. और शायद इस article  को भी वही लोग पढ़ रहे होंगे जो ऐसी इच्छा रखते होंगे वरना article  का title  पढ़ने के बाद ही वो किसी और topic  पर चले गए होते.चलिए अब आते हैं main मुद्दे पर :

पर नौकरी छोडें कैसे ?

सवाल बिलकुल ठीक है. पर उससे भी बड़ा एक सवाल है:, नौकरी छोड़ी तो करेंगे क्या ?अगर आपके मन में ये दूसरा सवाल आ रहा है तो उसका मेरे पास कोई जवाब नहीं है. क्योंकि ये तो आपके अंदर से आने वाली  आवाजा है कि आप क्या करना चाहते हैं . और यदि यह नहीं आ रही है तो अभी आप इस तरह के  step  के लिए बिलकुल तैयार नहीं हैं…पर ये बात पक्की है कि यदि आप चाहें तो समय के साथ खुद को तैयार कर सकते हैं.
पर यदि आप उनमे से हैं जिनका कोई सपना है ,जो कुछ बड़ा, कुछ महान , कुछ अपना  करना चाहते हैं तो आपको पहले प्रश्न के बारे में सोचना ही होगा. क्योंकि अगर आप अभी नहीं सोचेंगे तो आगे आपके लिए ये सोचना और भी मुश्किल हो सकता है भविष्य में:
  • आपकी जिम्मेदारियां बढ़  जायेंगी यानी आपकी risk  लेने की क्षमता घट जायेगी.
  • हो सकता ही आपकी  salary  बढ़ जाए और आप खुद को समझा लें. कि “चल भाई पैसे आ तो रहे हैं…अब और क्या चाहिए.”
कुछ लोग सोच सकते हैं कि lecture देना आसान है पर करना बहुत मुश्किल है. बात सच है ,पर ये भी सच है कि ये करना मुश्किल ज़रूर है पर असंभव नहीं.
अगर Dheerubhai Ambani ने petrol pump की नौकरी नहीं छोड़ी होती तो क्या आज  Reliance  जैसी company होती? अगर Narayan Murthy ने Patni Computers की अपनी नौकरी नहीं छोड़ी होती तो क्या आज Infosys का कोई वजूद होता?Amitabh Bachchan  ने भी पहले  Shaw Wallace और बाद में Bird & Co, नमक एक  shipping firm में काम किया, अगर उन्होंने भी अपने दिल कि आवाज़ नहीं सुनी होती तो भला भारत को कहाँ मिलता इतना बड़ा महानायक?
ये बहुत बड़े-बड़े उदाहरण हैं, जिन्हें हम सब जानते हैं पर यकीन जानिए कि ऐसी हजारों success stories  हैं, जहाँ पर लोगों ने अपनी सोच को हकीकत में बदल कर दिखाया है…गांव की गलियों से निकल कर शहर की बुलंदियों को अपना बनया है. खुद बने हैं Crorepati और कईयों को लखपति बनाया है.
पर अभी भी हमारा जो पहला सवाल था कि “पर नौकरी छोडें कैसे?वो वहीँ का वहीँ बना हुआ है. कहने की बात नहीं है कि ये एक एक बहुत ही बड़ा step  है, और बस यूँहीं नहीं लिया जा सकता है. इस क्रांतिकारी कदम को वही उठा सकता है जिसके मन में कुछ अपना करने की तीव्र इच्छा हो और वो अपने plan  को execute करने के लिए बहुत ज्यादा passionate हो. जिनके अंदर वाकई में कुछ कर गुजरने की दीवानगी होती है, वो इधर-उधर की बातें ज्यादा नहीं सोचते और बस लग जाते हैं अपने प्रयासों में.
पर हम मे से ज्यादातर लोग (including me) कुछ करना तो चाहते हैं, पर हमारे अंदर एक डर सा लगा होता है कि कहीं हम fail  हो गए तो जो है वो भी चला जायेगा. ये डर वाजिब भी है. इसीलिए मेरी समझ से एक बीच का रास्ता निकालना अच्छा साबित हो सकता है , जैसे कि कोई Side-Business शुरू कर के. ये एक पुराना अजमाया हुआ तरीका है, जो आपने अपने आस-पास देखा भी होगा. Office timing के बाद और छुट्टी के दिनों में लोग अपने साइडी-बिजनेस को करते हैं और जब धीरे-धीरे बिजनेस ट्रैक पर आ जाता है तो अपनी नौकरी छोड़ कर पूरा समय business  में लगाते हैं. एक छोटा सा उदहारण देना चाहूँगा जो मैंने Rashmi Bansal जी की “Connect The Dots” book में पढ़ा था.
N Mahadevan के अंदर एक Hotelier बनने की चाहत थी पर भाग्य ने उन्हें एक Professor  बना दिया था, पर उन्होंने ने भाग्य के इस फैसले को चुनौती दी और Madras University  में अपनी Professor कि prestigiuos job  छोड़ कर उन्होंने multi-million dollarFood Empire खड़ा कर दिया.
सुबह 9 बजे से शाम को 4:30 बजे तक पढाने के बाद इन्होने काम समझने के लिए एक और  जॉब पकड़ ली, वो रोजाना शाम 6 से रात 12 बजे तक एक hotel में duty  करने लगे .जब काम समझ आ गया और कुछ पैसे इकठ्ठा हो गए तो उन्होंने खुद का एक Chinese resturant शुरू कर दिया.आज उनके restaurants 16 देशों में हैं ,जिनमे कुल 3000 employee  काम करते हैं. इन्होने खुद तो MBA  नहीं किया है पर IIM-Ahmedabad से pass-out बंदे को busineess सँभालने के लिए रखा हुआ है.

मेरा plan :

शायद आप जानते होंगे कि मैं भी  job कर रहा हूँ, और मैंने भी अपने लिए एक रास्ता चुना है, जो मैं आपको बताना चाहूँगा, हो सकता है आपके लिए भी इसमें से कुछ idea  निकल आये.
मेरा idea , दर-असल मेरा और मेरी wife Padmaja  का idea है . शादी से पहले वो job करती थी, पर हमने decide किया कि शादी के बाद  husaband और wife दोनों का  job करना एक बेवकूफी  है. क्योंकि ऐसा करके हम हर महीने अपनी income में 10-20 हज़ार रुपये extra तो जोड़ सकते हैं पर Crorepati नहीं बन सकते. इसलिए उसने job  छोड़ दी.अब आगे कुछ करना था.
चूँकि शुरू  से ही उसका मन beauty related  चीजों में ज्यादा लगता था इसलिए हमने decide  किया कि हम अपने एक बहुत ही standard beauty parlour खोलेंगे, और धीरे-धीरे इसकी branches आस-पास   के अन्य शहरों में खोलेंगे. वो parlour कि अंदरूनी चीजों का ध्यान रखेगी और मैं promotional activities और expansion के लिए काम करूँगा .खुशी की बात ये है कि हमने इस प्लान को  execute करने की शुरुआत भी कर दी  है.पहला step  इस business को करीब से समझने का था , इसीलिए फिलहाल Padmaja  VLCC से Beauty से related एक formal certification course  कर रही है और part –time एक जान-पहचान के parlour में practice करके अपनी skills  को और भी निखार रही है. इसके बाद कुछ चीजें और करनी होंगी और हमारा plan implementहो जायेगा. अब इसमें हमें सफलता मिलेगी या नहीं ये हम नहीं जानते…पर अगर हमने try भी नहीं किया तो ये बिना match  खेले ही हार मान लेना होगा. और हमें तो जीतना है.
मेरे कुछ दोस्तों ने भी ऐसा ही कुछ किया है, मेरे friend Vaibhav Srivastava ने job करते हुए एक tution center की franchisee ली है और कुछ partners की मदद से उसे profitable  बनाने में लगा हुआ है. मेरे एक अन्य मित्र Rahul Sahay ने भी Reliance Life Insurance में काम करते हुए कुछ दोस्तों साथ मिलकर एक Vocational Training Centre, NIPS और एक शानदार restautrant खोल लिया है.
बहुत सारे लोग बहुत सारी ideas के साथ अपने-अपने सपनो को साकार करने में लगे हुए है, और कर रहे हैं,हम इंसानों में यही तो खास बात है ,हम जो सपने देखते हैं उन्हें साकार भी कर सकते हैं.
अंत में यही कहना चाहूँगा कि “कोई risk ना लेना ही जिंदगी का सबसे बड़ा risk है” और ये risk  आप नहीं उठा सकते इसलिए अपने दिल की आवाज़ सुनिए और अपने सपनो को साकार कीजिये.All the best !

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राष्‍ट्रपति भवन में घुसने से रोका, तो दंपति ने सरेराह उतारे कपड़े

दिल्‍ली में जब एक दंपति को राष्‍ट्रपति से मिलने नहीं दिया गया, तो उन्‍होंने विरोध का इजहार करने के लिए अपने कपड़े सरेराह उतार फेंके. बाद में पुलिस ने किसी तरह दंपति को काबू में किया.
राष्ट्रपति भवन के सामने लगभग 30 साल उम्र के एक दंपति ने एंट्री मांगी. जब सुरक्षाबलों ने अंदर जाने नहीं दिया, तो उन्‍होंने खुद को निर्वस्त्र कर दिया.
पुलिस ने यह जानकारी सोमवार को दी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दंपति राष्ट्रपति भवन के मेन गेट पर पहुंचे और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने की मांग की. जब सुरक्षाकर्मियों ने वजह पूछी, तो वे वाजिब वजह बताने में नाकाम रहे और अपने कपड़े उतार दिए. इसके बाद हैरान सुरक्षाकर्मियों ने फौरन उन्हें कुछ कपड़े पहनाए.
पुरुष को जो धोती पहनाई गई थी, उसे उसने उतार दी और वह रायसीना हिल की तरफ दौड़ पड़ा. पुलिस ने उसका तेजी से पीछा किया.
पुलिस की जीप ने उसे रोका और फिर जीप में बिठा लिया. इस जोड़े को संसद मार्ग पुलिस थाने ले गई. पुलिस उनसे इस घटना के पीछे का कारण जानने की कोशिश कर रही है.
गौरतलब है कि दिल्‍ली की केजरीवाल सरकार वीआईपी कल्‍चर खत्‍म करने के दावे कर रही है. यह अलग बात है कि पब्लिक अभी भी ऊंचे ओहदे पद बैठे लोगों तक पहुंच पाने में खुद को लाचार पा रही है.



SAIL में 700 से ज्‍यादा पदों पर भर्ती, लास्ट डेट 21 जनवरी, 2014

मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL-सेल) में नौकरी पाने का बढ़िया मौका. स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL-सेल) ने मैनेजमेंट ट्रेनी पोस्ट पर 710 वैंकेंसी निकाली हैं. मैनेजमेंट ट्रेनी पद पर होने वाली ये भर्तियां दो केटेगरी में होंगी - पहला टेक्नीकल और दूसरा मैनेजमेंट.
मैनेजमेंट ट्रेनी (टेक्नीकल) - 650 पद
कंप्यूटर साइंस - 15
माइनिंग - 10
इलेक्ट्रॉनिक्स - 40
मेटालर्जी - 178
इलेक्ट्रिकल - 124
मैकेनिकल - 208
सिविल - 14
इंस्ट्रूमेंटेशन - 20
सेरामिक्स - 18

मैनेजमेंट ट्रेनी (एडमिनिस्ट्रेशन)- 60
एचआर - 17
फाइनेंस - 23
मैटीरियल - 10
मार्केटिंग - 10
योग्यता
मैनेजमेंट ट्रेनी (टेक्नीकल) पद पर एप्लाई करने के लिए आवेदक के पास 65 फीसदी अंकों के साथ संबंधित विषय में इंजीनियरिंग की डिग्री हो. कंप्यूटर साइंस केटेगरी में वो युवा भी एप्लाई कर सकते हैं जो जिन्होंने 65 फीसदी अंकों के साथ एमबीए किया है.
मैनेजमेंट ट्रेनी (एडमिनिस्ट्रेशन) पद पर एप्लाई करने के लिए आवेदक किसी भी विषय में ग्रेजुएट हो और उसके पास मैनेजमेंट के संबंधित विषय में 60 फीसदी अंकों के साथ एमबीए या उसके समकक्ष डिग्री हो.
आवेदक की अधिकतम आयु 30 वर्ष होनी चाह‌िए. आयु की गणना 1 जनवरी, 2014 से की जाएगी. इन पदों के लिए वेतनमान 20600-3%-46500 - (ई-1) रुपये निर्धार‌ित क‌िया गया है.
कैसे करें आवेदन
इन पदों के लिए आप ऑनलाइन एप्लाई कर सकते हैं. एप्लाई करने की अंत‌िम त‌ि‌थ‌ि 21 जनवरी, 2014 है. अधिक जानकारी और एप्लाई करने के लिए यहां क्लिक करें... http://sail.shine.com/jobs/
JIPMER में क्लर्क, स्टेनो, एमटीएस समेत 300 से ज्यादा पदों पर भर्ती
रेलवे में निकली 5000 से ज्यादा भर्तियां, आवेदन की अंतिम तिथि 10 फरवरी, 2014
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रेलवे में निकली 26,000 से ज्यादा भर्तियां

रेलवे में नौकरियों की बाढ़ आ गई है. जी हां! इस बार रेलवे में निकली हैं 26,567 भर्तियां. ये भर्तियां दो पदों पर निकली हैं पहला असिस्टेंट लोको पायलट (एएलपी) और दूसरा टेक्नीशियन. अहमदाबाद, अजमेर, इलाहाबाद, बेंगलुरू, भोपाल, भुवनेश्वर, बिलासपुर, चंडीगढ़, चेन्नई, गोरखपुर, गुवाहाटी, जम्मू और कश्मीर, कोलकाता, मालदा, मुंबई, मुजफ्फरपुर, पटना, सिकंदराबाद, सिलीगुड़ी, तिरुवनंतपुरम और रांची के रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड ने ये भर्तियां निकाली हैं. इन पदों के लिए 5200-20,200 रुपये का वेतनमान (ग्रेड पे- 1900) निर्धारित है.
योग्यता
इन पदों पर केवल वही युवा आवेदन कर सकते हैं जिनकी उम्र 18 से 30 साल के बीच है. आयु में एससी-एसटी वर्ग को 5 साल और ओबीसी को 3 साल की छूट दी गई है.
असिस्टेंट लोको पायलेट के लिए शैक्षिक योग्यता - मान्यता प्राप्त संस्‍थान से 10वीं पास एवं संबंधित ट्रेड में आईटीआई. या संबंधित ट्रेड इंजीनियरिंग में डिप्लोमा/डिग्री (एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त).
टेक्नीशियन ग्रेड III में कई केटेगरी के तहत भर्तियां निकली हैं जैसे मैकेनिक, ब्लैकस्मिथ, फिटर, पेंटर, कारपेंटर, मेसन, वेल्डर आदि. टेक्नीशियन ग्रेड III के लिए शैक्षिक योग्यता (टेक्नीशियन ग्रेड III सिग्नल, टेलीकम्युनिकेशन और वायरलेस मेंटेनर केटेगरी को छोड़कर) है - मान्यता प्राप्त संस्‍थान से 10वीं पास एवं संबंधित ट्रेड में आईटीआई.
टेक्नीशियन ग्रेड III सिग्नल, टेलीकम्युनिकेशन और वायरलेस मेंटेनर केटेगरी के लिए- मान्यता प्राप्त संस्‍थान से 10वीं पास एवं संबंधित ट्रेड में आईटीआई. या
फिजिक्स व मैथ्स के साथ 12वीं या
एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित ट्रेड में इंजीनियरिंग में डिग्री/डिप्लोमा.
परीक्षा और सेलेक्शन
टेक्नीशियन और एएलपी दोनों पदों के लिए एक ही दिन एक कॉमन लिखित परीक्षा होगी. परीक्षा तिथि 15 जून, 2014 निर्धारित की गई है. एएलपी पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को लिखित और एप्टीट्यूड टेस्ट होगा. जबकि टेक्नीशियन पद के लिए सिर्फ लिखित परीक्षा का प्रावधान है. लिखित में अच्छा परफॉर्म करने वाले उम्मीदवारों (एएलपी) को एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा. ध्यान रहे कि लिखित परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होगी. हरेक गलत उत्तर के लिए एक-तिहाई अंक काट लिया जाएगा.
कैसे करें आवेदन
आवेदन के लिए उम्मीदवार एप्लीकेशन फॉर्म भरकर और उसके साथ सभी जरूरी दस्तावेजों की कॉपी लगाकर सामान्य पोस्ट से संबंधित रेलवे आरआरबी के पते पर भेजें. आवेदन के लिए सामान्य और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 40 रुपये की एग्जामिनेशन फीस रखी गई है जो कि उन्हें डिमांड ड्राफ्ट या आईपीओ के जरिए देनी होगी. महिलाओं और एससी/एसटी वर्ग के युवाओं को ये फीस नहीं देनी होगी. आवेदन करने की अंतिम तिथि 17 फरवरी, 2014 है. आवेदन से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप रेलवे की वेबसाइट ( http://www.indianrailways.gov.in/ ) पर जा सकते हैं.

Sunday, February 2, 2014

सरकारी टीचर बनने का शानदार मौका, 937 पदों पर भर्ती और भी

सरकारी टीचर बनने का बेहतरीन मौका. देश के प्रतिष्ठित जवाहर नवोदय विद्यालयों में पीजीटी और टीजीटी के कुल 937 पदों पर भर्तियां निकली हैं. मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत आने वाली नवोदय विद्यालय समिति ने डायरेक्ट रिक्रूटमेंट के जरिए इन खाली पड़े पदों को भरने के लिए आवेदन मंगाए हैं. इन पदों में पीजीटी के 514 और टीजीटी के 423 पद शामिल हैं. इन पदों पर चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के बेस पर किया जाएगा.

Post Graduate Teachers (PGTs)

S. No.
Subject
UR
OBC
SC
ST
Total
1
Biology
19
09
13
00
41
2
Chemistry
20
10
06
15
51
3
Commerce
08
08
05
04
25
4
Economics
25
12
29
10
76
5
English
40
00
05
08
53
6
Geography
17
06
06
04
33
7
Hindi
37
00
06
08
51
8
History
31
00
08
02
41
9
Maths
14
19
27
24
84
10
Physics
24
10
06
19
59

Total
235
74
111
94
514

Trained Graduate Teachers (TGTs)

S. No.
Subject
UR
OBC
SC
ST
Total
1
English
32
10
13
33
88
2
Hindi
45
00
12
08
65
3
Maths
62
15
45
57
179
4
Science
25
01
07
20
53
5
Social Studies
26
01
04
07
38

Total
190
27
81
125
423

सैलेरी
वेतनमान के तौर पर पीजीटी टीचर्स के लिए 9300-34800 रुपये + 4800 रुपये ग्रेड पे तय किया गया है. वहीं टीजीटी के लिए 9300-34800 रुपये + 4600 रुपये ग्रेड पे निर्धारित है.
आयु
पीजीटी के लिए अधिकतम आयु 40 साल और टीजीटी के लिए अधिकतम आयु 35 साल तय की गई है. आयु सीमा में ओबीसी वर्ग के उम्मीदवार को 3 साल और एससी-एसटी वर्ग के उम्मीदवार को 5 साल की छूट दी गई है. एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को आयु सीमा में 10 साल की छूट दी गई है. आयु की गणना 31 जनवरी, 2014 से की जाएगी.
यह है शैक्षिक योग्यता
पीजीट के लिए एप्लाई करने के लिए उम्मीदवार मान्यता प्राप्त संस्‍थान से संबंधित विषय में 50 प्रतिशत अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएट हो. साथ ही उसके पास बीएड या समकक्ष डिग्री हो. पीजीट के लिए एप्लाई करने के लिए उम्मीदवार संबंधित विषय में मान्यता प्राप्त संस्‍थान से 50 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएट हो. साथ ही उसके पास बीएड या समकक्ष डिग्री हो.
ऐसे करें आवेदन
इच्छुक उम्मीदवार केवल ऑनलाइन मोड से ही एप्लाई कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 28 फरवरी, 2014 है. एप्लीकेशन फी के ‌तौर पर जनरल और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 560 रुपये निर्धारित हैं. महिलाओं व एससी-एसटी वर्ग को ये फी नहीं देनी होगी. आवेदन संबंधी अधिक जानकारी के लिए आप नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाइट http://www.navodaya.nic.in/welcome%20sbs.htm पर जाएं.