संवाद 1
"साहब, एक धांसू स्कीम लाया हूँ"
"..."
"..."
"अपने पास जो पनडुब्बी है न, उसके रेनोवेशन, अपग्रेडेशन का एस्टीमेट बनाते हैं..."
"..."
"एस्टीमेट पनडुब्बी की कीमत से भी ज्यादा बनाते हैं, पर आप पास करवा कर वर्क आर्डर करवा देना"
"..."
"फिर हम उस पनडुब्बी को अपने पास दो-चार महीने के लिए रख लेंगे, कुछ ऊपरी रंग-रोगन कर देंगे.."
"..."
"और आपको वापस डिलीवर कर देंगे"
"..."
"आप ऊपरी वेरिफिकेशन कर बिल पास करवा देना..."
"..."
"जब बिल पास हो जाए, और डिटेल वेरिफिकेशन से पहले और वर्करों से कम्प्लेन आने से पहले पनडुब्बी का काम तमाम कर देंगे..."
"वाह! वाह!! क्या धांसू स्कीम लाए हो यार! अभी के अभी प्रपोजल लाओ!!! हम आज के आज सेंक्शन करवाते हैं.. समझो प्लान एक्जीक्यूट हो गया!!!!"
--
संवाद 2
"साहब, एक धांसू स्कीम लाया हूं..."
"..."
"जमीन का एक टुकड़ा है. भाव एकदम हीरा. जंगल का है - वही पर्यावरण. तो उसे हमारे साथी के एनजीओ को 1 रूपए में सोशल कॉज के लिए अलॉट करवा दें"
"..."
"डर्ट सेटल हो जाने के बाद इसकी यूटीलिटी कमर्शियल में बदलवा लेंगे.."
"वाह! वाह!!! क्या स्कीम लाए हो यार!! समझो हो गया!!!"
संवाद 3
"साहब, एक धांसू स्कीम लाया हूं..."
"..."
"कुछ खदानें हैं हमारे आदमियों को बांट देते हैं..."
"..."
"जब हो हल्ला मचेगा तब फ़ाइलों को ग़ायब करवा देंगे - न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी..."
"वाह! वाह!! क्या शानदार स्कीम लाए हो! समझो हो गया!!!"
--
ऐसे संवाद अंतहीन हैं. कितना लिखेंगे, कितना बताएंगे?
आपके पास अलग किस्म का संवाद है? अरे! तब तो हमें जरूर बताओ भाई! कमेंट बॉक्स किसलिए है?संवाद 1
"साहब, एक धांसू स्कीम लाया हूँ"
"..."
"..."
"अपने पास जो पनडुब्बी है न, उसके रेनोवेशन, अपग्रेडेशन का एस्टीमेट बनाते हैं..."
"..."
"एस्टीमेट पनडुब्बी की कीमत से भी ज्यादा बनाते हैं, पर आप पास करवा कर वर्क आर्डर करवा देना"
"..."
"फिर हम उस पनडुब्बी को अपने पास दो-चार महीने के लिए रख लेंगे, कुछ ऊपरी रंग-रोगन कर देंगे.."
"..."
"और आपको वापस डिलीवर कर देंगे"
"..."
"आप ऊपरी वेरिफिकेशन कर बिल पास करवा देना..."
"..."
"जब बिल पास हो जाए, और डिटेल वेरिफिकेशन से पहले और वर्करों से कम्प्लेन आने से पहले पनडुब्बी का काम तमाम कर देंगे..."
"वाह! वाह!! क्या धांसू स्कीम लाए हो यार! अभी के अभी प्रपोजल लाओ!!! हम आज के आज सेंक्शन करवाते हैं.. समझो प्लान एक्जीक्यूट हो गया!!!!"
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संवाद 2
"साहब, एक धांसू स्कीम लाया हूं..."
"..."
"जमीन का एक टुकड़ा है. भाव एकदम हीरा. जंगल का है - वही पर्यावरण. तो उसे हमारे साथी के एनजीओ को 1 रूपए में सोशल कॉज के लिए अलॉट करवा दें"
"..."
"डर्ट सेटल हो जाने के बाद इसकी यूटीलिटी कमर्शियल में बदलवा लेंगे.."
"वाह! वाह!!! क्या स्कीम लाए हो यार!! समझो हो गया!!!"
संवाद 3
"साहब, एक धांसू स्कीम लाया हूं..."
"..."
"कुछ खदानें हैं हमारे आदमियों को बांट देते हैं..."
"..."
"जब हो हल्ला मचेगा तब फ़ाइलों को ग़ायब करवा देंगे - न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी..."
"वाह! वाह!! क्या शानदार स्कीम लाए हो! समझो हो गया!!!"
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ऐसे संवाद अंतहीन हैं. कितना लिखेंगे, कितना बताएंगे?
आपके पास अलग किस्म का संवाद है? अरे! तब तो हमें जरूर बताओ भाई! कमेंट बॉक्स किसलिए है?संवाद 1
"साहब, एक धांसू स्कीम लाया हूँ"
"..."
"..."
"अपने पास जो पनडुब्बी है न, उसके रेनोवेशन, अपग्रेडेशन का एस्टीमेट बनाते हैं..."
"..."
"एस्टीमेट पनडुब्बी की कीमत से भी ज्यादा बनाते हैं, पर आप पास करवा कर वर्क आर्डर करवा देना"
"..."
"फिर हम उस पनडुब्बी को अपने पास दो-चार महीने के लिए रख लेंगे, कुछ ऊपरी रंग-रोगन कर देंगे.."
"..."
"और आपको वापस डिलीवर कर देंगे"
"..."
"आप ऊपरी वेरिफिकेशन कर बिल पास करवा देना..."
"..."
"जब बिल पास हो जाए, और डिटेल वेरिफिकेशन से पहले और वर्करों से कम्प्लेन आने से पहले पनडुब्बी का काम तमाम कर देंगे..."
"वाह! वाह!! क्या धांसू स्कीम लाए हो यार! अभी के अभी प्रपोजल लाओ!!! हम आज के आज सेंक्शन करवाते हैं.. समझो प्लान एक्जीक्यूट हो गया!!!!"
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संवाद 2
"साहब, एक धांसू स्कीम लाया हूं..."
"..."
"जमीन का एक टुकड़ा है. भाव एकदम हीरा. जंगल का है - वही पर्यावरण. तो उसे हमारे साथी के एनजीओ को 1 रूपए में सोशल कॉज के लिए अलॉट करवा दें"
"..."
"डर्ट सेटल हो जाने के बाद इसकी यूटीलिटी कमर्शियल में बदलवा लेंगे.."
"वाह! वाह!!! क्या स्कीम लाए हो यार!! समझो हो गया!!!"
संवाद 3
"साहब, एक धांसू स्कीम लाया हूं..."
"..."
"कुछ खदानें हैं हमारे आदमियों को बांट देते हैं..."
"..."
"जब हो हल्ला मचेगा तब फ़ाइलों को ग़ायब करवा देंगे - न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी..."
"वाह! वाह!! क्या शानदार स्कीम लाए हो! समझो हो गया!!!"
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ऐसे संवाद अंतहीन हैं. कितना लिखेंगे, कितना बताएंगे?
आपके पास अलग किस्म का संवाद है? अरे! तब तो हमें जरूर बताओ भाई! कमेंट बॉक्स किसलिए है?संवाद 1
"साहब, एक धांसू स्कीम लाया हूँ"
"..."
"..."
"अपने पास जो पनडुब्बी है न, उसके रेनोवेशन, अपग्रेडेशन का एस्टीमेट बनाते हैं..."
"..."
"एस्टीमेट पनडुब्बी की कीमत से भी ज्यादा बनाते हैं, पर आप पास करवा कर वर्क आर्डर करवा देना"
"..."
"फिर हम उस पनडुब्बी को अपने पास दो-चार महीने के लिए रख लेंगे, कुछ ऊपरी रंग-रोगन कर देंगे.."
"..."
"और आपको वापस डिलीवर कर देंगे"
"..."
"आप ऊपरी वेरिफिकेशन कर बिल पास करवा देना..."
"..."
"जब बिल पास हो जाए, और डिटेल वेरिफिकेशन से पहले और वर्करों से कम्प्लेन आने से पहले पनडुब्बी का काम तमाम कर देंगे..."
"वाह! वाह!! क्या धांसू स्कीम लाए हो यार! अभी के अभी प्रपोजल लाओ!!! हम आज के आज सेंक्शन करवाते हैं.. समझो प्लान एक्जीक्यूट हो गया!!!!"
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संवाद 2
"साहब, एक धांसू स्कीम लाया हूं..."
"..."
"जमीन का एक टुकड़ा है. भाव एकदम हीरा. जंगल का है - वही पर्यावरण. तो उसे हमारे साथी के एनजीओ को 1 रूपए में सोशल कॉज के लिए अलॉट करवा दें"
"..."
"डर्ट सेटल हो जाने के बाद इसकी यूटीलिटी कमर्शियल में बदलवा लेंगे.."
"वाह! वाह!!! क्या स्कीम लाए हो यार!! समझो हो गया!!!"
संवाद 3
"साहब, एक धांसू स्कीम लाया हूं..."
"..."
"कुछ खदानें हैं हमारे आदमियों को बांट देते हैं..."
"..."
"जब हो हल्ला मचेगा तब फ़ाइलों को ग़ायब करवा देंगे - न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी..."
"वाह! वाह!! क्या शानदार स्कीम लाए हो! समझो हो गया!!!"
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ऐसे संवाद अंतहीन हैं. कितना लिखेंगे, कितना बताएंगे?
आपके पास अलग किस्म का संवाद है? अरे! तब तो हमें जरूर बताओ भाई! कमेंट बॉक्स किसलिए है?
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